नपा अध्यक्ष नें बनाया कमाई का जुगाड़, दिखावा साबित हुआ विरोध, अब बिकेगी शराब
*चंद कदम की दूरी पर आस्था का स्थल, प्रशासन की अनुमति पर उठ रहे सवाल*
अनूपपुर।
प्रदेश की डॉ. मोहन सरकार भले ही धार्मिक स्थलों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर समूचे देश में यह संदेश देनें का प्रयास किया है कि धर्म और आस्था से जुडे स्थल पर किसी भी तरह की ऐसी गतिविधियों जो समाजिक बुराई में शामिल है उनका स्थान नहीं है। सरकार का आदेश मोटे राजस्व को नुकसान भी पहुंचा रहा है, लेकिन सरकार नें इस मामले किसी भी तरह का समझौता नहीं किया। वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा शराब की बिक्री को लेकर ऐसे तमाम मापदण्ड भी निर्धारित किये हैं जिनका अनुपालन आवश्यक रुप से किया जाना है। अहम यह है कि इन नियमों मापदण्डों में इस बात का खास तौर पर ध्यान दिया गया है कि शराब की दुकानों का संचालन शैक्षणिक स्थल, धार्मिक स्थल सहित मुख्य मार्गों पर न हो। लेकिन अनूपपुर जिले में सरकार के यह नियम व दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। स्थितियां यह हैै मुख्य मार्ग ही नहीं बल्कि धार्मिक स्थलों से चंद कदम की दूरी पर न सिर्फ शराब दुकान खुल चुकी है बल्कि धडल्ले से बिक्री भी जारी है। गौर करनें वाली बात यह भी है कि इस पूरे खेल में जिन खादीधारियों नें आमजनता को आड़ में लेकर दुकान के संचालन का खुलकर विरोध किया और जिले के तमाम आला अधिकारियों से शिकायत कर इस पर रोक लगानें की मांग की, उन्हीं खादीधारियों के जब कमाई का जुगाड़ बना तो वह इस विरोध से किनारा कर उसी आमजनता से किये वादों को भूल अपनी कमाई के सिस्टम में लग गये। इस पूरे खेल में जहां कईयों नें अपनें फायदे का खेल कर लिया वहीं जनता महज ठगी साबित होती नजर आ रही है, और एक बार फिर विरोध के स्वर मुखर होते दिखाई दे रहे हैं।
*इस तरह हुआ खेल*
दरअसल नगर परिषद बरगंवा अमलाई अंर्तगत जिस शराब दुकान के संचालन का विरोध जारी था उस पर कईयों नें चुप्पी साध ली है। जो नेता और पार्षद शांति व्यवस्था की बात को लेख शराब दुकान का विरोध कर कलेक्टर ऑफिस जा कर विरोध कर रहे थे, वही आज अपनी ही जमीन पर अंग्रेजी शराब की दुकान चलाने में सहायक नजर आ रहे हैं। ऐसे में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि महज अपनें फायदे के लिये आमजनता से विरोध कराकर अपनी कमाई के सिस्टम को सुनियोजित रुप से तैयार किया गया है।
*जनता से छलावा, प्रशासन से धोखा*
चार दशक से स्टेशन के सामने चल रही शराब दुकान को हटाने के लिए नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और दर्जनों पार्षदों ने कलेक्टर से मिलकर जनहित और शांति भंग का हवाला दिया था। लेकिन असलियत यह है कि पूरा खेल पहले से ही रचा जा रहा था। जनता को गुमराह कर, प्रशासन को भ्रमित कर, खुद की तिजोरी भरने की साजिश रची गई, और दुकान को एक स्थान से हटाकर दूसरे ऐसे स्थान में शिफ्ट कर दिया गया जहां से इस विरोध का नेतृत्व कर रहे खादीधारियों का फायदा हो सके।
*मंदिर और स्कूल के पास शराब की दुकान*
सबसे चौंकाने वाली बात यह है अमलाई अनूपपुर मुख्य मार्ग कि यह शराब दुकान हनुमान मंदिर से मात्र 25 मीटर और सरस्वती स्कूल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर खोल दी गई है। कुछ वर्ष पहले ही विश्व हिंदू परिषद और अन्य धार्मिक संगठनों ने इस मंदिर का उद्घाटन किया था। इस दुकान के यहां संचालन किये जानें से जहां स्थानीय जनों में रोष है वहीं विरोध के स्वर भी मुखर होते नजर आ रहे हैं।
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शिकार के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में आने से दो भाइयों की हुई थी मौत, चार आरोपी गिरफ्तार
*मृतक मोटर पंप बन्द करने गया था जानवरो के लिए बिछाया था करेंट*
शहडोल
जिले के ब्यौहारी पुलिस ने बिजली करंट की चपेट में आने से दो सगे भईया की मौत मामले में खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में कैलाश कोल और छोटू कोल की मौत हुईं थीं। यह घटना 31 अक्टूबर 2024 की रात को घटित हुई थी, जब मृतक अपने रिश्तेदारों के साथ मोटर पंप बंद करने गए थे। रास्ते में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में दोनों भाई आ गए और उसकी चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई। घटना ब्यौहारी के डंडी टोला खड्डा में यह घटना घटी थीं।
जानकारी के अनुसार, मोलेराम कोल ने पुलिस को सूचित किया कि वह अपने जीजा छोटू कोल के घर निमंत्रण पर गया था। घटना की रात करीब 10 बजे, उन्होंने गहनुआ नाला में लगे मोटर पंप को बंद करने के लिए गए, जब वे वापसी कर रहे थे, तब अज्ञात लोगो ने रास्ते में नंगी बिजली की तारों को जंगली जानवरों के शिकार के लिए लगाया था। जिसकी चपेट में आने से कैलाश कोल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छोटू कोल को भी करंट लगा, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। घटना देख मोलेराम ने हल्ला किया और छोटू कोल को गांव के लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया, कुछ दिनो बाद उसकी भी उपचार के दौरान अस्पताल मे मौत हो गई।
इस मामले में ब्यौहारी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की, पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान, साक्षियों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्र. 730/24 दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में मंदीप कोल निवासी डंडी टोला खड्डा की भूमिका सामने आई, लेकिन वह घटना के बाद से फरार हो गया था। अंततः, पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो इस अपराध में संलिप्त थे।
ब्यौहारी थाना प्रभारी अरुण पांडे ने बताया की मंदीप कोल अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर जंगली जानवरों के शिकार के लिए करंट लगाए हुए था।जिसकी चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत हुई है। मामले पर पुलिस की पड़ताल मे आरोपियों की पहचान हुई, घटना दिनांक से ही आरोपी फरार चल रहे थे, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मंदीप कोल,हरिशंकर कोल, झल्लू कोल, उमेश पटेल शामिल है। जिन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
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मृत बाघ के नाखून की तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को वन विभाग ने किया गिरफ्तार
शहड़ोल
बाघ के नाखूनों की तस्करी करते तीन आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। यह नाखून संजय गांधी टाइगर रिजर्व में मृत पड़े बाघ से आरोपियों ने निकले थे और बिक्री करने की फिराक में थे। तभी वन विभाग की विशेष टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से पांच नाखून और दो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई वन संरक्षक अजय पाण्डेय और वनमंडलाधिकारी तरूणा वर्मा के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अमझोर में की गई। यह कार्रवाई वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, भोपाल द्वारा मिली सूचना के आधार पर की गई।
जानकारी के अनुसार, बनसुकली गांव के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति बाघ के अवयवों की तस्करी के लिए आए थे। त्वरित कार्रवाई करते हुए, सिविल ड्रेस में तैनात वन अमले ने सीधी बनसुकली रोड पर मौहार टोला तिराहा के पास तीन लोगों से पूछताछ की। तलाशी के दौरान, एक आरोपी के पेंट की जेब से दो नग बाघ के नाखून बरामद हुए, सभी आरोपियों की तलाशी लेने पर 5 नाखून मिले। पकड़े गए आरोपियों में वंशपति सिंह गोड़ (51 वर्ष), निवासी ग्राम हरदी, जिला सीधी,रमेश सिंह (63 वर्ष), निवासी ग्राम ददरीटोला, जिला सीधी,लालमन पनिका (51 वर्ष), निवासी लुरघुटी, जिला सीधी ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने ये नाखून संजय टाइगर रिजर्व के ग्राम अमगांव के पास जंगल में मृत पड़े बाघ के शव से निकाले थे और इस बिक्री करने की फिराक में घूम रहे थे। तभी आरोपियों को अपराध नियंत्रण ब्यूरो भोपाल की सूचना पर वन विभाग की विशेष टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर वन विभाग ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्राधिकारी तरूणेन्द्र सिंह, परिक्षेत्र सहायक बनसुकली दिलीप मिश्रा, और अन्य वन सुरक्षाकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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ससुराल गया तो सूने घर में चोरों ने किया हाथ साफ, नगद सहित 3 लाख के सोने-चांदी की चोरी, मामला दर्ज
शहडोल
जिले के विक्रमपुर गांव में सूने घर का ताला तोड़कर लाखों रुपए की चोरी का मामला सामने आया है। परिवार दूसरे गांव में रिश्तेदारी में गया हुआ था, तभी चोरों ने घटना को अंजाम दिया है। घर में रखे नगद 80 हजार एवं सोने चांदी के जेवर चोरी कर चोर फरार हो गए हैं। पड़ोसियों ने जब सुबह परिवार को घर का ताला टूटे होने की जानकारी दी, तब जाकर चोरी की घटना का पता लग पाया। इसके बाद पुलिस से मामले की शिकायत की गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता प्रेमलाल बैगा ने बताया कि वह अपने ससुराल धनपुरा गया हुआ था और घर में ताला लगा था। बड़ी पुत्री को उसने घर में सोने के लिए कहा था, लेकिन वह पड़ोस में अपनी बड़ी मां के साथ सो गई। सुबह जब पड़ोस के लोगों ने देखा तो घर का ताला टूटा हुआ जमीन में पड़ा था। इसके बाद बड़ी पुत्री और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी मिली। घटना की जानकारी मिलते ही प्रेमलाल अपने परिवार के साथ घर पहुंचा तो देखा तो उसके घर में चोरी की घटना हो चुकी थी।
पीड़ित ने बताया कि पीएम आवास की राशि उसे मिली थी, जिससे घर में निर्माण कार्य करवाना था। बैंक से पैसा निकाल कर उसने घर की अलमारी में रखे हुए थे। जो 80 हजार रुपए थे, उसे भी चोरों ने चोरी कर लिया है। पीड़ित के अनुसार घर में रखे सोने चांदी के जेवर भी चोरी हो गए हैं, कुल चोरी लगभग 3 लाख से अधिक की चोरी हुई है। प्रेमलाल ने बताया कि घटना की शिकायत उसने बुढ़ार थाने पहुंचकर पुलिस से की है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध मामला दर्ज कर मौके पर पहुंच अपनी जांच शुरू कर दी।
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पुत्र ने पिता के लिए हाई कोर्ट में की पैरवी, 11 साल बाद पुलिस आरक्षक को मिली पुनः नौकरी
*न्याय मिलने के बाद पांडे परिवार में लौटी खुशियां*
अनूपपुर
सन 2013 में पुलिस विभाग के उमरिया थाना में आरक्षक पद पर पदस्थ अनूपपुर जिले के जमुना कॉलरी निवासी मिथिलेश पांडे को आय से अधिक संपत्ति के मामले में विभागीय जांच के उपरांत पुलिस विभाग ने उन्हें सेवा से पृथक कर दिया था इसके बाद आरक्षक मिथिलेश पांडे अपना पक्ष पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के समक्ष रखते रहे लेकिन उनके पक्ष को दरकिनार कर दिया गया, दिसंबर 2013 में ही आरक्षक मिथिलेश पांडे ने पद से पृथक किए गए मामले को लेकर हाई कोर्ट जबलपुर का दरवाजा खटखटाया जहां पर उन्होंने अपील दायर करते हुए न्याय की मांग की।
हाई कोर्ट में मामला लगने के बाद पुलिस विभाग को हाई कोर्ट से आदेश भी जारी किए गए लेकिन उस आदेश से विभाग संतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर मामला चलता रहा। सन 2024 में पुलिस आरक्षक मिथिलेश पांडे के पुत्र अभिषेक पांडे वकालत की डिग्री हासिल करने के पश्चात जबलपुर हाई कोर्ट में प्रैक्टिस प्रारंभ की और इसके साथ ही सर्वप्रथम उन्होंने अपने पिता मिथिलेश पांडे का केस हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति माननीय संजय द्विवेदी के समक्ष प्रस्तुत किया जिसे न्यायमूर्ति ने स्वीकार किया अधिवक्ता अभिषेक पांडे ने अपने पिता के खिलाफ लगे तमाम आरोपों को हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति के समक्ष जिरह के बाद आदेश को निरस्त करने में सफलता हासिल की। 17/5 /2024 को आरक्षक मिथिलेश पांडे क़ो नौकरी पर वापस रखने हेतु न्यायमूर्ति माननीय संजय द्विवेदी की बेंच के द्वारा आदेश दिया गया इसके बाद अनूपपुर पुलिस अधीक्षक के द्वारा पुनः सेवा में बहाल किया गया। 5 अप्रैल 2025 को आरक्षक मिथिलेश पांडे अनूपपुर में अपनी उपस्थित दर्ज कराई है। 11 साल की लड़ाई के बाद पुत्र ने पिता को जीत दिलाई और पांडे परिवार में एक बार फिर से खुशियां लौट कर आई। इस अवसर पर आरक्षक मिथिलेश पांडे को उनके निवास पहुंचकर स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
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एक राष्ट्र एक चुनाव एक क्रांतिकारी कदम है, जो भारत के लोकतंत्र को बनाएगा अधिक मजबूत व पारदर्शी
उमरिया
जिला पंचायत उमरिया के सदस्य, एक राष्ट्र एक चुनाव की अवधारणा के समर्थन में एक प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं, जिसका उद्देस्य भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आर्थिक रूप से सुद्ध बनाना है। एक राष्ट्रएक चुनाव का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनावों की एक साथ आयोजित करना है ताकि समय, संसाधन, और प्रशासनिक खचों की बचत हो सके तथा देश के विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
बार-बार चुनाव कराने में भारी प्रथासनिक खर्च और ससाधनों की बर्बादी होती है। एक साथ चुनाव से चुनावी खर्च में भारी कमी आएगी और सुरक्षा बलों, शिक्षकों, और प्रशासनिक अधिकारियों को बार-बार चुनावी ड्यूटी से मुक्त किया जा सकेगा। घर-घर लगने से आदर्श आचार संहिता के कारण विकास परियोजनाऐं रुक जाती है। एक साथ चुनाव होने से यह बाधा दूर होगी और सरकारें अपने विकास कारों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी। एक साथ चुनाव राजनीतिक अस्थिरता को कम करने में मदद करेगा, जिससे नीति निर्माण में स्थिरता और दीपंकालिक दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।
एक साथ चुनाव से मतदाताओं में अधिक जागरूकता और उत्साह पैदा होगा, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और लोकतंत्र को सशक्त किया जा सकेगा। चुनाव आयोग व राजनीतिक दलों को बार-बार चुनाव प्रचार के लिए भारी धनराशि खर्च करनी पड़ती है। एक साथ चुनाव होने से चुनावी खर्च में कटौती होगी, जिरासे थन का अधिक सदुपयोग हो सकेगा। संसद में प्रस्तुत विधेयक के पारित कर इसे कानूनी रूप दिया जाय चुनाव आयोग को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाये ।सभी राजनीतिक दल आम सहमति बनाकर इस आगे बढ़ें। एक राष्ट्र एक चुनाव एक क्रांतिकारी कदम है, जो भारत के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत, पारदर्शी, और कुशल बना सकता है। इससे न केवल सरकार के कार्यों में निरंतरता आएगी, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता भी सुदृढ़ होगी। अत हम इस प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करते हैं और इसे लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अनुशंसा करते हैं।
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जल गंगा संवर्धन अभियान - युवा टीम का संदेश गांव–गांव दीवार लेखन के जल संरक्षण के जगा रहे अलख
उमरिया
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के मार्गदर्शन पर जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम उमरिया द्वारा जिले के गांव गांव पहुंचकर युवा टीम के सदस्य जल संरक्षण के प्रति जागरुक कर अलख जगा रहे हैं। इसी क्रम में युवाओं की टोली युवा टीम सदस्यों के द्वारा ग्राम पंचायत गौरइया के दीवारों पर जल संरक्षण जागरूकता नारे लिख व गांव में घूम-घूम कर जागरूकता कार्यक्रम कर रहे हैं। साथ ही दीवार लेखन और वृक्षारोपण के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी ने जल संरक्षण एवं संचयन की विशेषता को इंगित करते हुए कहा जल संरक्षण का अर्थ पानी की बर्बादी तथा प्रदूषण को रोकने से है। जल संरक्षण एक अनिवार्य आवश्यकता है।क्योंकि जल ही जीवन है। अत: जल की कमी को पूरा करने के लिए जल संरक्षण अति आवश्यक है।उन्होंने आगे कहा कि जल स्रोतों की हर बूंद को संरक्षित करने तथा जल गंगा संवर्धन अभियान को बढ़ावा देने हेतु आमजनों को इस जागरूकता अभियान के माध्यम से प्रेरित किया जा रहा है।जल का संरक्षण बहुत ही छोटे-छोटे उपायों से किया जा सकता है, जैसे टूथ ब्रश करते समय टूंटी को बंद रखें, नहाते समय बाल्टी का इस्तेमाल, घर व कार की सफाई में पानी का कम से कम उपयोग, प्रत्येक घर में वर्षा जल संचयन टैंकों का निर्माण, गांवों में तालाबों की खुदाई, शौचालयों में पानी की कम से कम खपत तथा इसके साथ ही वृक्षारोपण के लिए युवाओं को अधिक से अधिक जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि इसमें अधिक से अधिक लोग जुड़ें, ताकि हम प्रकृति के साथ चलें।इस दौरान पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी,पर्यावरण मित्र खुशी सेन,शिखा बर्मन, महक सोनी,नेहा सिंह, दीपिका मरकाम व सभी उपस्थित रहे।
समाचार 08 फ़ोटो 08
12-13 अप्रैल को होगा कुर्मवंशीय पटेल समाज का दो दिवसीय संभागीय सम्मेलन
उमरिया
कुर्मवंशीय पटेल समाज के सामाजिक संगठनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आगामी 12 और 13 अप्रैल को अनूपपुर में दो दिवसीय संभागीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन जिला मुख्यालय अनूपपुर के नर्मदा महाविद्यालय परिसर में सुबह 10:00 बजे से आरंभ होगा।सम्मेलन में शहडोल संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों — शहडोल उमरिया डिंडोरी और अनूपपुर के समाज जन प्रबुद्ध वर्ग युवा और महिलाएं भाग लेंगे। इस आयोजन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है, जिसमें समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शकों और युवाओं की सक्रिय भूमिका उल्लेखनीय है।
कार्यक्रम के प्रमुख बिंदुओं में समाज की एकजुटता, शिक्षा रोजगार नारी सशक्तिकरण और सामाजिक कुरीतियों पर मंथन शामिल है। इस सम्मेलन में शिक्षित समाज सशक्त समाज की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए प्रेरणादायक वक्तव्य और विचार-सत्र आयोजित किए जाएंगे।सम्मेलन में प्रदेशाध्यक्ष रमाशंकर पटेल कार्यकारी अध्यक्ष रामप्यारे पटेल सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि शिरकत करेंगे। समाज के युवाओं के लिए विशेष प्रेरणा सत्र आयोजित किया जाएगा जिसमें सफल युवा उद्यमी और प्रशासनिक अधिकारी मार्गदर्शन देंगे। संस्था के संरक्षकगणों ने समाज के सभी वर्गों से इस सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया है ताकि सामूहिक रूप से समाज की दशा और दिशा को और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके।